कितना आवश्यक है प्राइवेट कोचिंग करना

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Private coaching

अक्सर बहुत से लोग मानते हैं कि कोचिंग क्लास या Private coaching लेने वाले स्टूडेंट्स ही प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाएं पास करते हैं। इनका मानना है की इन संस्थानों से पढ़ाई करने वालों के लिए परीक्षाएं पास करना आसान होता है। लेकिन, अधिकतर टॉपर्स या हाई स्कोरर स्टूडेंट्स का मानना है कि कोचिंग क्लास या Private coaching के जरिए स्टडी कर टॉप करना भी स्वयं स्टूडेंट्स पर ही निर्भर है। इनका मानना है कि बढि़या स्कूल या नामी-गिरामी कोचिंग क्लास में पढ़ने से स्टूडेंट्स को अपना लक्ष्य पाने में मदद मिलती है न की टॉप करने में। ऐसे में अगर स्टूडेंट्स को उनके स्कूलों में ही सही मार्गदर्शन मिले, तो उन्हें किसी कोचिंग या प्राइवेट क्लास की ज़रूरत नहीं होगी। वहीं, जानकारों के अनुसार मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में स्टूडेंट्स अच्छे इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले स्कूल में पढ़ाई करते हैं, जबकि मध्यम दर्जे के शहरों में इसकी बहुत कमी होती है। यहाँ कोचिंग क्लास या प्राइवेट ट्यूशन द्वारा ही बच्चों को सही गाइडेंस मिलती है।  

इस बारे में पटना के आईआईटी कोचिंग क्लास चलाने वाले सुपर 30 के संचालक प्रो। आनंद कुमार ने बताया कि कोचिंग या प्राइवेट क्लास केवल मार्गदर्शक का ही काम करते हैं। बाकि का काम स्टूडेंट्स स्वयं को करना पड़ता है। जी हाँ स्टूडेंट्स अगर पूरी ईमानदारी से पढ़ाई करें, तो कोई भी परीक्षा आसानी से पास कर सकते हैं। आवश्यक है कि स्टूडेंट्स इमानदारी से सेल्फ स्टडी करें। बक़ौल आनंद कुमार, ‘ पटना और भोपाल जैसे मध्यम दर्जे के शहरों में स्टूडेंट्स को स्कूलों की अपेक्षा कोचिंग क्लास और प्राइवेट ट्यूशन के जरिए विभिन्न परीक्षाओं के पैटर्न, तैयारियां और रणनीति के बारे में अपटूडेट जानकारी मिलती है, इसलिए यहाँ कोचिंग या Private coaching की आवश्यकता है।

किसी भी कार्य को करने के लिए आत्मविश्वास होना बहुत ही आवश्यक होता है। जब बात आ जाये बिना कोचिंग के Competition Exam की तैयारी करने के लिए तो इसकी भूमिका और भी अहम हो जाती है। इसलिए Competition Exam की तैयारी करते समय अपने अंदर आत्मविश्वास की कभी भी कमी न होने दें। आपके मन में विश्वास बनाकर रखें कि आप Competition Exam को क्रैक करने में अवश्य सफलता प्राप्त करेंगे।

किसी भी बड़े शहर में कोचिंग, Private coaching और निजी ट्यूटरों द्वारा परीक्षा की तैयारियां करवाने के नाम पर स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूले जाते हैं। स्टूडेंट्स को टॉपर बनाने या हाई स्कोर लाने का दावा किया जाता है। इसके विपरीत, सिविल सर्विस, आईआईटी-जेईई, आईसीएससी और आईएससी में टॉप रैंक या हाई स्कोर लाने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स ने ईमानदारी से की गई सेल्फ स्टडी को ही अपनी सफलता का आधार बताया।

यदि आप बिना किसी कोचिंग के माध्यम से अपनी Competition Exam की तैयारी कर रहें है तो आपके लिए समय सारणी का प्रयोग भुआ ही लाभदायक सिद्ध हो सकता है। समय सारणी का प्रयोग करने से आपका कोई भी विषय पेंडिंग में नहीं होगा। इसका प्रयोग करने से आप सभी विषयों को ज़रूरी समय दे सकेंगे। इस तरह आपका सभी विषयों पर फोकस बना रहेगा। इस तरह से बिना कोचिंग के Competition Exam की तैयारी करने हेतु समय सारणी की भी अहम भूमिका होगी।

परीक्षा का समय पास आ जाने पर पुराने प्रश्न पत्रों को हल करें, जिसका लाभ आपको एग्जाम हॉल में देखने को मिलेगा। स्वयं की कमियों को बहुत ही नजदीकी से देखें, दिए गए समय में प्रश्न पत्र को हल करें। जिससे आपके अंदर प्रश्न पत्र को हल करने में गति प्राप्त होगी। परीक्षा हाल में समय प्रबंधन का विशेष महत्त्व होता है इसलिए परीक्षा देने के पूर्व ही समय प्रबंधन बना लें और यह निश्चित कर ले कि आपको किस खण्ड में कितना समय देना है। सभी खण्डों में समय प्रबंधन के अनुसार ही समय दें।किसी भी परीक्षा में नेगेटिव मार्क से बचना सबसे मुख्य होता है इसलिए ग़लत प्रश्न न करें हमेशा सही प्रश्नों के ही उत्तर दें।

कहने का तात्पर्य है की कोई भी Private coaching आपका केवल मार्गदर्शन ही कर सकती है पूरी मेहनत स्टूडेंट्स को स्वयं ही करना होगी l

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