कैसे करे परीक्षा की तैयारी

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ये एकदम सीधी-सी बात है जैसे हम अपने काम नियम के अनुसार रोज करते है जैसे सूर्य अपने समय पर निकलता है और-और अपने समय पर रोज अस्त होता है ठीक उसी प्रकार हमे भी अपनी पढाई रोज ही करनी चाहिए ।

लेकिन बहुत से छात्र न पढ़ते हुए जब परीक्षा नजदीक आता है तो वे रात दिन पढने लगते है ऐसा करना ठीक नहीं है क्यूकी इससे हमारे स्वस्थ पर बुरा बहुत ही असर पड़ता है इसलिए हमे पढाई पर करनी चाहिए ।

परीक्षा का भय तो ऐसा है कि बड़े-बड़े व्यक्ति भी परीक्षा के नाम से घबरातें है। आज के ज़माने में अगर हम परीक्षा के मनोविज्ञान को समझने की कोशिश करे तो हम पाते है कि एक नियत समय में, साल भर की पढाई की जाँच सिर्फ़ तीन घंटे में की जाएगी। तो इस समय में बहुत ही ज़रूरी है कि बच्चे अपना आत्म विश्वास बनाये रखे और एकदम शांत और संतुलित रह कर परीक्षा की तैयारी करे।

यदि बहुत ही समय कम बचा है और कोर्स ज्यादा, ऐसे में क्या करें और क्या न करें यह एक अहम विषय होता है।

और अगर यह बोर्ड परीक्षा है, तो तनाव होना भी कोई असामान्य बात नहीं है। लेकिन कुछ बातो का ध्यान रख कर बच्चे तनाव से बच सकते है और अपनी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकते है।

सबसे पहले आपको परीक्षा के लिए परीक्षा के लिए लक्ष्य तय करना बहुत ज़रूरी है। हमेशा अपनी क्षमता देखकर ही अपना लक्ष्य तय करें। अन्यथा बाद में निराशा होगी। अगर आप 9वीं कक्षा तक 65 प्रश अंक लेकर पास होते रहे हैं तो अपना लक्ष्य भी 65 से 75 प्रश अंकों का ही रखें। 90 या 95 प्रश अंकों का लक्ष्य रखने से आप भटक जाएँगे। तथा आपको परफार्मेस बनाये रखने में भी दिक्क्त हो सकती है ।

हमेशा ध्यान रखें, लगातार कई घंटों तक पढ़कर कोई बच्चा अच्छे अंक प्राप्त नहीं कर सकता। किताबी कीड़ा बनने की कतई ज़रूरत नहीं। आप पढ़ाई के साथ थोड़ा समय बाकी कामों के लिए भी निकाल सकतें है। परीक्षा के वक़्त तनाव थोड़ा-सा होना ज़रूरी भी है, लेकिन इतना नहीं की पढ़ा हुआ याद ही न हो पाए , हर स्टुडेंट्स का अपना अलग बॉडी क्लोक होता है। किसी को रात में पढना अच्छा लगता है, तो किसी को सुबह। आप भी अपना बॉडी क्लोक बनाएं और उसके अनुसार काम करें। यह सोचकर कभी नहीं पढ़े कि आपका दोस्त ज़्यादा देर तक पढ़ता है, आप तो बस यह सोचे की आप खुद कब तक पढ़ सकतें हैं? 45 से 50 मिनट लगातार पढ़ने के बाद 5 से 10 मिनट का ब्रेक ज़रूर लें।

स्वस्थ मनोरंजन हमारे जीवन का ज़रूरी हिस्सा है। परीक्षा के दिनों में मनोरंजन का समय कम ज़रूर कर दें, लेकिन खुद को मनोरंजन की दुनिया से पूरी तरह बिलकुल भी अलग न करें। थोड़ा समय निकालकर हल्का-फुल्का संगीत, हल्की-फुल्की कॉमेडी फ़िल्म या धारावाहिक अवश्य देखें। याद रखें की मनोरंजन का समय खाने में नमक की तरह ही होना चाहिए, न तो बहुत अधिक न बहुत कम। शरीर के लिए कम से कम 6 घंटे की नींद बहुत ज़रूरी है। इसलिए शरीर को आराम ज़रूर भी दें।

यदि माता-पिता ने आपके सामने बहुत कठिन लक्ष्य रख दिया है, आपको लगता है कि आप उसे हासिल नहीं कर पाएँगे, तो उनसे स्पष्ट शब्दों में कहें कि आप कोशिश करेंगे लेकिन आपकी क्षमता से यह लक्ष्य बड़ा है। अगर वे फिर भी उसे बार-बार आप पर थोपते हैं तो इसे इज्जत का प्रश्न न बनाएँ। धैर्यपूर्वक उतना करें, जितना आप कर सकते हैं। कभी भी अनावश्यक भी तनाव में न रहे।

पढाई करते वक्त अपने टेबल पर स्माईल के साथ पढाई करें, ऐसा करने से मस्तिष्क में ब्लड सरकुलेशन तेज हो जाता हैं। दिमाग और मन दोनों ही आपके नियंत्रण में रहते हैं और वह दोगुनी तेजी से काम करेंगे। जब हम खुश होतें हैं तो सब कुछ अच्छा लगता है। इसी तरह परीक्षा को भी ख़ुशी–ख़ुशी लें तनाव में नहीं।

उपरोक्त सभी बातों को ध्यान में रखतें हुवे यदि आप परीक्षा की तैयारी करेंगे तो निश्चित ही हँसते हँसते आप अपना लक्ष हासिल कर सकतें है l

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